Chhattisgarh

14 जुलाई को शिवसेना का 43वा स्थापना दिवस

 
रायपुर 14 जुलाई 1984 को छत्तीसगढ़ में शिवसेना के संगठन का गठन किया गया। स्थापना के बाद से ही संगठन लगातार छत्तीसगढ़ियों के अधिकारों, सम्मान एवं जनहित के विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए संघर्ष करता आ रहा है।
 
शिवसेना प्रदेश महासचिव रेशम जांगड़े ने बताया कि प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के नेतृत्व में पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की मांग को लेकर भोपाल, दिल्ली सहित अनेक स्थानों पर आंदोलन एवं प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसी क्रम में दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मोर्चा निकाला गया, जिसने छत्तीसगढ़ी अस्मिता एवं स्वाभिमान की आवाज़ को मजबूती प्रदान की।
 
नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के विरोध में रायपुर से बस्तर के नगरनार तक विशाल नगरनार मोर्चा निकाला गया। इस. आंदोलन के माध्यम से संयंत्र के निजीकरण का विरोध करते हुए स्थानीय युवाओं के रोजगार एवं क्षेत्रीय हितों की रक्षा की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
 
शिवसेना द्वारा हिन्दू राष्ट्र की मांग को लेकर दिल्ली सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन आयोजित किए गए। गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने जैसे कई हिंदुत्व के मुद्दों पर भी शिवसेना सक्रिय रूप से आंदोलन करती रही है। संगठन ने समय-समय पर जनहित, किसान, मजदूर, युवा, महिला, धार्मिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करते हुए प्रदेशवासियों की आवाज़ बुलंद की है।
 
किसानों को फसल का उचित समर्थन मूल्य और समय पर खाद-बीज मिले, इस दिशा में भी शिवसेना ने आंदोलन किया है। इसके साथ ही शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ आम जन को मिले, इसका प्रयास भी शिवसेना लगातार कर रही है।

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